यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने त्वरित, सुरक्षित एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल लेनदेन सुविधाएँ प्रदान करके भारत की डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी प्रणाली में एक क्रांतिकारी परिवर्तन किया है। यह अध्ययन 18–30 वर्ष आयु वर्ग के भारतीय युवाओं में UPI के उपयोग स्तर, व्यवहार तथा धारणाओं का विश्लेषण करता है और यह मूल्यांकन करता है कि इसका अपनाना विकसित भारत 2047 की व्यापक राष्ट्रीय परिकल्पना में किस प्रकार योगदान देता है।
संरचित प्रश्नावलियों के माध्यम से एकत्रित प्राथमिक आँकड़ों तथा सरकारी एवं वित्तीय रिपोर्टों से प्राप्त द्वितीयक आँकड़ों के आधार पर यह अध्ययन दर्शाता है कि सुविधा, डिजिटल साक्षरता, सुरक्षा विशेषताएँ एवं प्रौद्योगिकी पर विश्वास UPI को अपनाने के प्रमुख कारक हैं। निष्कर्षों के अनुसार, युवाओं में UPI का व्यापक उपयोग डिजिटल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देता है, नकद पर निर्भरता को कम करता है, पारदर्शिता में वृद्धि करता है तथा उद्यमशीलता एवं आर्थिक गतिविधियों को सशक्त बनाता है।
अध्ययन यह निष्कर्ष निकालता है कि भारतीय युवाओं में UPI का व्यापक अपनाना भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है तथा विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक उत्प्रेरक (Catalyst) के रूप में कार्य करता है।
मुख्य शब्द: UPI, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विकसित भारत, उत्प्रेरक, वित्तीय समावेशन